गुजरात हाईकोर्ट ने कुछ समय पहले भरूच कलेक्टर को अमोनियम नाइट्रेड कंवर्जन में सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए भरूच के कलेक्टर को 'अनपढ़' कहा था। अब वडोदरा कलेक्टर अनिल धामेलिया को गुजरात हाईकोर्ट को नाराजगी का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने एक मामले में कलेक्टर के वुर्चअली उपस्थित नहीं होने पर कठोर टिप्पणी की। हाईकोर्ट की बेंच के जज इतने नाराज हुए उन्होंने तुरंत पेश होने को कहा है। इसके बाद आनन-फानन में कलेक्टर साहब को हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होना पड़ा।
 

खाली कुर्सी देखकर जस्टिस हुए नाराज

जानकारी के अनुसार गुजरात हाई कोर्ट ने स्पष्ट आदेशों के बावजूद उनका पालन न करने पर वडोदरा कलेक्टर के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है। जस्टिस भार्गव डी करिया और जस्टिस एन.वी. पीरजादा की डिवीजन बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इसमें वर्चुअली कलेक्टर वडोदरा अनिल धामेलिया को उपस्थित होना था। जब जस्टिस भार्गव डी करिया को कलेक्टर की कुर्सी खाली दिखी तो उन्होंने इस कोर्ट की अवमानना करार दिया। उन्होंने पूछा कि कलेक्टर कहां हैं? जस्टिस की नाराजगी के बाद प्रशासनिक कामकाज में व्यस्त कलेक्टर बाद में अपने आईफोन से कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने गुजरात सरकार राजस्व सचिव को इस मामले में सीधे दखल देने और पूरे केस की जांच करने के सख्त आदेश दिए हैं।

पूरा विवाद क्या है?

यह विवाद डभोई के बारीपुरा इलाके में स्थित एक जमीन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता लंबे समय से इस जमीन को औद्योगिक गैर-कृषि (NA) जमीन में बदलने की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर रहा था। प्रशासनिक व्यवस्था से उचित सहयोग न मिलने पर याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने पहले भी इस जमीन के संबंध में एक आदेश पारित किया था, लेकिन प्रशासन उस आदेश को लागू करने में देरी कर रहा था। कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि तत्कालीन कलेक्टर ए बी शाह और वर्तमान कलेक्टर अनिल धामेलिया, दोनों ने ही हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की है।

आगे बढ़ सकती हैं मुश्किलें

हाई कोर्ट ने राजस्व सचिव को पूरे मामले की जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ एक रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। यदि जांच में अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो कलेक्टर सहित अन्य दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद से वडोदरा प्रशासन में भारी हड़कंप मचा हुआ है। यह सामग्री कितनी उपयोगी थी? इस मामले में वडोदरा जिला प्रशासन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सख्त छवि के अनिल धामेलिया 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह इससे पहले छोटा उदेपुर के कलेक्टर थे। अनिल धामेलिया ने 2014 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 23वीं रैंक हासिल की थी।

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